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प्रेरक वाक्य

1.'शिक्षा धन सर्वश्रेष्ठ धन हैं'|
2.'विद्यार्थी को अनुशासनहीनता एवं उदण्डता को आत्म -सम्मान समझने की भूल नहीं करनी चाहिए' |
3.'भारतीय मनीषियों द्वारा विद्यार्थी के पाँच लक्ष्ण बताए गये हैं - कौए के समान त्वरणपूर्ण चेष्ठा करना, अपने लक्ष्य के प्रति बगुले जैसा ध्यान लगाना, कुत्ते के समान निद्रा की स्थिति में भी सजग रहना, स्वल्प भोजन करना (आलस्य से बचने के लिए) तथा घरेलू प्रपंञ्चो और आसक्तियों से विरत रहना | इन लक्षणों के अनुपालन से विद्यार्थी अपने लक्ष्य को सुगमता पूर्वक प्राप्त कर सकता है '|
4. 'परीक्षाओं में नकल करने से विद्यार्थी की आत्मा कलुषित हो जाति है और आत्मविश्वास समाप्त हो जाता है जिससे उसका लक्ष्य बहुत दूर हो जाता हैं '|