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विश्वविद्यालयी एवं महाविद्यालयी प्रवेश नियमावली

Online Admission 2016-17 Rules Read Carefully before Fill Form

    महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया में समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत आरक्षण अधिनियम/नियमों का परिपालन पूर्णतः किया जायेगा | अपूर्ण आवेदन पत्रों पर विचार नही किया जायेगा |

    साक्षात्कार होने के पश्चात् भी शुल्क समयावधि में जमा न करने वाले प्रवेशाधिकार से वंचित हो जायेगा | साथ ही प्रवेशार्थ बैंक में जमा की गई धनराशि किसी भी दशा में वापस नही होगी |

  • अर्ह परीक्षा एवं प्रवेश कक्षा के मध्य एक वर्ष से अधिक अन्तराल (गैप) होने पर छात्र/छात्रा का प्रवेश किसी भी कक्षा में अनुमन्य नही होगा |
  • ऐसे किसी व्यक्ति को, जो अपराध के लिए दण्डित किया गया अथवा जिसके विरुद्ध कोई अपराधिक मुकदमा चल रहा हो, महाविद्यालय में प्रवेश नही दिया जायेगा |
  • अनुचित साधन प्रयोग करने के दोषी पाए जाने वाले अभ्यर्थी को प्रवेश नही दिया जायेगा |
  • परास्नातक द्वितीय वर्ष, स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में केवल इसी महाविद्यालय के संस्थागत विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जायेगा |
  • अन्य विश्वविद्यालय के स्नातक भाग एक तथा दो एवं स्नातकोत्तर पूर्वार्द्ध की परीक्षा उत्तीर्ण किये हुए विद्यार्थियों को आगामी कक्षा में प्रवेश छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की अनुमति के पश्चात् ही दिये जा सकते है |
  • विश्वविद्यालय द्वारा घोषित नियमानुसार अन्य स्थानों से स्थानांतरित होकर आने वाले सरकारी कर्मचारियों की सन्तानों को निर्धारित मापदंडों की न्यूनतम अर्हता का उल्लंघन न करते हुए योग्यतानुसार ही प्रवेश दिये जायेंगे |
  • C S J M विश्विद्यालय द्वारा विलम्ब से घोषित किये जाने वाले परीक्षाफलों के सम्बन्ध में प्रवेश अंकतालिका पर अंकित तिथि से 10 दिन के अन्दर ही दिये जायेंगे | इसके पश्चात् विश्वविद्यालय की अनुमति से ही प्रवेश दिये जायेंगे |
  • अस्थायी अंकतालिकाओं के आधार पर प्रथम वर्षीय कक्षाओं में प्रवेश नही दिया जायेगा | अनुसूचित जाति/ जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों के आरक्षण के अतिरिक्त दो प्रतिशत आरक्षण विकलांग जो समानान्तर होगा तथा पाँच प्रतिशत प्रबन्ध समिति एवं महाविद्यालय परिवार को संस्तुति से प्रवेश कराने का अधिकार है |
  • सभी प्रवेश प्रारम्भ में अस्थायी (प्रोविजनल) होंगे | अगर किसी प्रवेशार्थी का प्रवेश गलत तथ्यों के आधार पर महाविद्यालय/विश्वविद्यालय के नियमों के विरुद्ध हो जाता है अथवा प्रवेशार्थी स्वयं भ्रामक सूचनायें देता है तो उसे विश्वविद्यालय परीक्षा में बैठने से वंचित कर दिया जायेगा तथा उसका प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा |
  • बिना कोई कारण बताये प्राचार्य को प्रवेश देने अथवा प्रवेश को निरस्त करने का पूर्ण अधिकार है |