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संक्षिप्त परिचय

भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के इतिहास में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के नेतृत्व में चलने वाले असहयोग आन्दोलन के कारण सन् 1921 का वर्ष विशेष महत्व रखता है | इस वर्ष भारतीयों ने विदेशी वस्तुओं और नामों का बहिष्कार किया था | इसी सन्दर्भ में सीतापुर जनपद के कुछ राष्ट्रप्रेमी नागरिकों ने "कोरोनेशन मर्केंटाइल " स्कूल का नाम बदल कर राष्ट्रीय महाजनी पाठशाला करने का साहसपूर्ण कार्य किया था |
यह नाम परिवर्तन अंग्रेज शासकों की नजर में अक्षम्य अपराध था, शम्भूनाथ और बापू जय नारायण को गिरफ्तार कर दण्डित किया गया था |
ऐसी राष्ट्रीय भावभूमि और प्रगतिशील चेतना से जुडी हुई राष्ट्रीय महाजनी पाठशाला, पहले इंटर कालेज और कालान्तर में स्नातकोत्तर महाविद्यालय के रूप में जनपद सीतापुर के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित हुई | सम्प्रति यह महाविद्यालय आर.एम.पी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय के रूप में विख्यात है | जिसकी स्थापना 1961 -62 के सत्र में हुई थी |